News UDI | गढ़वा : जिले के विकास और वित्तीय समावेशन को लेकर प्रशासन अब ‘एक्शन मोड’ में है। मंगलवार को समाहरणालय के सभागार में उप विकास आयुक्त (DDC) पशुपतिनाथ मिश्रा की अध्यक्षता में जिला परामर्शदात्री समिति (DCC) और जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जहां अच्छा काम करने वाले बैंकों की पीठ थपथपाई गई, वहीं सरकारी योजनाओं में ढिलाई बरतने वाले बैंकों को सख्त चेतावनी दी गई।
गढ़वा बैंकिंग रिपोर्ट कार्ड : कौन ‘सुपरफास्ट’ और कौन ‘सुस्त’?
बैठक के दौरान जिले के CD Ratio (ऋण-जमा अनुपात) की समीक्षा की गई, जो अब बढ़कर 46% हो गया है। प्रदर्शन के आधार पर बैंकों की टॉप और बॉटम लिस्ट जारी की गई :
| श्रेणी | बैंक का नाम (टॉप 5 और बॉटम 5) |
| 🚀 अव्वल (Top 5) | उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक |
| 🚀 अव्वल (Top 5) | उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक |
| 🚀 अव्वल (Top 5) | इंडियन ओवरसीज बैंक |
| 🚀 अव्वल (Top 5) | इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक |
| 🚀 अव्वल (Top 5) | ICICI बैंक |
| ⚠️ सुस्त (Bottom 5) | पंजाब नेशनल बैंक |
| ⚠️ सुस्त (Bottom 5) | यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया |
| ⚠️ सुस्त (Bottom 5) | स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया |
| ⚠️ सुस्त (Bottom 5) | आईडीबीआई बैंक |
| ⚠️ सुस्त (Bottom 5) | इंडियन बैंक |
DDC ने खराब प्रदर्शन करने वाले बैंकों को अपनी कार्यप्रणाली सुधारने और लक्ष्य प्राप्ति के लिए कड़े निर्देश दिए।
KCC और PMEGP पर विशेष जोर
उप विकास आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे केसीसी (KCC), प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना (PMEGP) और मुद्रा ऋण का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने बैंकों को निर्देश दिया कि पीएम किसान के लंबित आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं और किसानों के लिए लोन प्रक्रिया को सरल बनाएं।

“जिले का प्रदर्शन तभी बेहतर माना जाएगा जब योजनाओं का वास्तविक लाभ समय पर जनता को मिले।” — पशुपतिनाथ मिश्रा, DDC गढ़वा
5 लाभुकों को मिले 2-2 लाख के चेक
बैठक के दौरान एक भावुक और सकारात्मक पल तब आया, जब प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) के तहत 5 लाभुकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये के सांकेतिक चेक प्रदान किए गए। सहायता राशि पाने वालों में तेतरी देवी, अली रजा अंसारी, अशोक पाल, नन्दलाल पाल और कृष्णा विश्वकर्मा शामिल हैं।

इन योजनाओं पर भी हुआ मंथन :
बैठक में वार्षिक साख योजना (ACP), एमएसएमई (MSME), दीदी लखपति योजना, आरसेटी (RSETI), और गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की भी विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही, ग्राम पंचायत भवनों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार और बैंक रहित ग्रामीण केंद्रों (URC) में सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया गया।
बैठक में मौजूद रहे : इस उच्च स्तरीय बैठक में डीडीएम नाबार्ड, जिला अग्रणी प्रबंधक (LDM), जिला उद्योग केंद्र के पदाधिकारी, माननीय सांसद एवं विधायक प्रतिनिधि और सभी बैंकों के जिला प्रतिनिधि उपस्थित थे।





