News UDI | गढ़वा : अंतर्राज्यीय सीमा पर आपराधिक और उग्रवादी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए झारखंड और छत्तीसगढ़ की पुलिस ने एक ‘महामंथन’ किया है। गढ़वा जिले के रंका थाना अंतर्गत फॉरेस्ट गेस्ट हाउस में आयोजित इस हाई-प्रोफाइल अंतर्राज्यीय पुलिस बैठक में दोनों राज्यों के आला अधिकारियों ने अपराध मुक्त सीमा का संकल्प लिया।
बैठक में शामिल रहे दिग्गज अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में दोनों राज्यों के प्रमुख पुलिस अधिकारियों ने शिरकत की, ताकि रणनीतिक तालमेल बिठाया जा सके:
- झारखंड (गढ़वा पुलिस): अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (रंका) रोहित रंजन सिंह, पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी (भंडरिया) सुभाष कुमार पासवान, रंका थाना प्रभारी रवि कुमार केशरी, चिनियां थाना प्रभारी अमित कुमार और बड़गड़ थाना प्रभारी दीपक कुमार मौर्य।
- छत्तीसगढ़ (रामानुजगंज पुलिस): अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (रामानुजगंज) बाजीलाल सिंह, रामानुजगंज थाना प्रभारी अजय साहू, त्रिकुंडा थाना प्रभारी व्यास नारायण चुरेंद्र, रामचंद्रपुर थाना प्रभारी बृजमोहन गुप्ता और विजयनगर चौकी प्रभारी अश्विनी सिंह।
इन 5 बड़े ‘एक्शन पॉइंट्स’ पर बनी सहमति
बैठक का मुख्य एजेंडा केवल चर्चा तक सीमित नहीं था, बल्कि जमीन पर ठोस कार्रवाई करने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर सहमति जताई गई :
- इंटेलिजेंस शेयरिंग : सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय अपराधियों, संदिग्धों और वारंटियों की जानकारी का रियल-टाइम आदान-प्रदान किया जाएगा।
- हाई-टेक सुरक्षा : साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी से निपटने के लिए दोनों राज्यों की पुलिस तकनीकी सहयोग करेगी। साथ ही, बॉर्डर पर सीसीटीवी कैमरों से पैनी नजर रखी जाएगी।
- उग्रवाद पर प्रहार : वामपंथी उग्रवाद और आतंकवाद की कमर तोड़ने के लिए विशेष सुरक्षा व्यय (SRE) योजना के तहत संयुक्त ऑपरेशन और क्षमता निर्माण पर जोर दिया गया।
- चेकिंग अभियान : अंतर्राज्यीय सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा, ताकि अवैध तस्करी और संदिग्धों की आवाजाही को रोका जा सके।
- कानूनी समन्वय : अंतर्राज्यीय गिरफ्तारी के दौरान निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने और कानूनी प्रक्रियाओं को सुगम बनाने पर सहमति बनी।

“इस बैठक का प्राथमिक उद्देश्य झारखंड और छत्तीसगढ़ पुलिस के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। हम साथ मिलकर एक ऐसा सुरक्षा घेरा तैयार कर रहे हैं जिसे भेदना अपराधियों के लिए नामुमकिन होगा।” — बैठक का मुख्य सारांश
निष्कर्ष
इस बैठक के बाद अब यह साफ है कि आने वाले दिनों में गढ़वा और रामानुजगंज की सीमाओं पर पुलिसिया चौकसी और सख्त होगी। संयुक्त कार्रवाई और तकनीकी सहयोग से न केवल आम नागरिक सुरक्षित महसूस करेंगे, बल्कि अपराधी और उग्रवादी तत्वों के लिए छिपने की जगह नहीं बचेगी।






