General Crime Jharkhand Garhwa Ranchi Palamu Sports National International Tech Entertainment

दर्दनाक : जिंदगी की जंग हार गई कांति, पीछे छोड़ गई 6 माह का दुधमुंहा बच्चा; पति पहले ही दे चुका था दगा

On: March 30, 2026 12:59 AM
Follow Us:
news udi
--Advertisement Here--

News UDI | गढ़वा : नियति की क्रूरता और अपनों की बेरुखी के बीच संघर्ष कर रही 24 वर्षीय कांति देवी आखिरकार मौत से हार गई। गढ़वा सदर अस्पताल में पिछले कई हफ्तों से मौत को मात देने की कोशिश कर रही कांति ने रविवार की शाम अंतिम सांस ली। कांति की मौत ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया है, बल्कि दो मासूम बच्चों के सिर से मां का आंचल भी छीन लिया है।

75% झुलस चुका था शरीर, गरीबी बनी इलाज में बाधा

घटना 14 जनवरी 2026 की है। कांडी थाना क्षेत्र के राणाडीह गांव (मायका) में कड़ाके की ठंड से बचने के लिए कांति आग ताप रही थी। इसी दौरान अनजाने में उसके कपड़ों में आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग की लपटों ने उसे घेर लिया, जिससे उसका शरीर 75 प्रतिशत से ज्यादा जल गया था।

अत्यंत गरीब माता-पिता ने अपनी हैसियत से बढ़कर उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन संक्रमण और घावों की गंभीरता के आगे कांति का शरीर जवाब दे गया।

रिश्तों की कड़वाहट और बेबसी की दास्तां

कांति की कहानी सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक उपेक्षा की भी दास्तां है।

  • पति का साथ छूटा : मृतका का पति विनोद पासवान ग्राम गाड़ा, थाना कांडी) करीब एक साल पहले ही उसे बेसहारा छोड़कर अलग रहने लगा था।
  • मायके में मिली शरण : पति के जाने के बाद कांति अपने दो बच्चों के साथ मायके (राणाडीह) में रह रही थी।
  • बुजुर्ग कंधों पर जिम्मेदारी : अब 6 साल की अनु कुमारी और मात्र 6 माह के दुधमुंहे अनुराग के भविष्य की जिम्मेदारी उनके बूढ़े नाना मेघनाथ राम और नानी कलावती देवी पर आ गई है।

अनाथ हुए मासूम : भविष्य पर गहराया संकट

कांति की मौत के बाद अस्पताल से लेकर गांव तक मातम पसरा है। सबसे मार्मिक दृश्य उन दो बच्चों का है, जिन्हें शायद यह भी पता नहीं कि उनकी मां अब कभी लौटकर नहीं आएगी। विशेषकर 6 माह का अनुराग, जिसे अब मां की ममता और दूध दोनों से महरूम होना पड़ेगा।

“बेटी को बचाने के लिए हमने सब कुछ झोंक दिया, लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था। अब इन दो अनाथ बच्चों को पालना हमारे लिए पहाड़ जैसा है।” > — मेघनाथ राम (मृतका के पिता)

प्रशासनिक मदद की दरकार

स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और समाजसेवियों से गुहार लगाई है कि इन अनाथ बच्चों के पालन-पोषण और शिक्षा के लिए सरकारी सहायता प्रदान की जाए। अत्यंत गरीबी में जी रहे नाना-नानी के लिए इन दो मासूमों का भविष्य संवारना एक बड़ी चुनौती है।

Chinmay bhardwaj

Chinmay Bhardwaj is a journalist at News UDI covering local news from Garhwa and nearby areas of Jharkhand.

Join WhatsApp

Join Now

YouTube

Subscribe

Join Instagram

Join Now

Also Read

जिला जनसुनवाई: गढ़वा उपायुक्त ने सुनी आमजनों की समस्याएं, निष्पादन के लिए अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

गढ़वा में सनसनीखेज किडनैपिंग का पर्दाफाश : L&T कर्मी का अपहरण कर मांगी ₹7.5 लाख की फिरौती, पुलिस के खौफ से 5 घंटे में छोड़ा, 2 गिरफ्तार!

गढ़वा-पलामू के उपभोक्ता ध्यान दें! 3 जून से 4 दिनों तक सुबह में गुल रहेगी बिजली; देखें अपने क्षेत्र का पूरा शेड्यूल

सस्पेंस या सुसाइड? फंदे से झूलती मिली मां, पलंग पर मृत पड़ा था डेढ़ साल का मासूम; पीराटांड़ में कोहराम

​प्रेम प्रसंग के विवाद में युवक का फंदे से लटकता मिला शव, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

news udi

सिविल सर्जन डॉ. जान एफ. केनेडी ने किया 7 दिवसीय स्वास्थ्य कर्मी प्रशिक्षण का उद्घाटन, कहा– ‘मरीज भरोसा लेकर आते हैं, निष्ठा से करें सेवा’