News UDI | गढ़वा : जिला पुलिस अधीक्षक को मिली एक गुप्त सूचना ने महज 24 घंटे के भीतर चोरी की एक बड़ी वारदात का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने न केवल चोरी के गहने बरामद किए, बल्कि घटना को अंजाम देने वाले अभियुक्त को भी सलाखों के पीछे भेज दिया है।
महिला की संदिग्ध गतिविधि से खुला राज
मामले की शुरुआत 05 अप्रैल 2026 को हुई, जब पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली कि मेराल थाना क्षेत्र के ग्राम-पेशका स्थित एक आभूषण दुकान में एक महिला चोरी के गहने बेचने की फिराक में है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसपी गढ़वा ने तत्काल मामले के सत्यापन और अभियुक्त की गिरफ्तारी का निर्देश दिया।
एसपी के निर्देश पर गठित हुई विशेष टीम
निर्देश मिलते ही मेराल थाना प्रभारी (पु.अ.नि.) विष्णुकांत के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया, जिसमें थाने के अन्य पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्धों पर शिकंजा कसा।
24 घंटे के भीतर अभियुक्त गिरफ्तार
पुलिस टीम ने अपनी जांच और छापेमारी के दौरान धनंजय राम (पिता- श्री बंधु राम) को धर दबोचा। अभियुक्त मूल रूप से बिहार के रोहतास जिले के तिलौथू का निवासी है, जो वर्तमान में मेराल के गेरुआसोती (पोस्ट-पेशका) में रह रहा था।
पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने स्वीकार किया कि उसने बीते 21 मार्च 2026 को जेठू भुइयां के घर से पैसे और कीमती गहनों की चोरी की थी। पुलिस ने आज उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
बरामदगी का विवरण
गिरफ्तार अभियुक्त की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किया गया शत-प्रतिशत सामान बरामद कर लिया है:
- सोना : एक जोड़ा सोने का टप।
- चांदी : एक जोड़ा पायल, एक चैन, एक क्लिप, और दो पीस चंद्रमा लॉकेट।
- नकदी : 12,500 रुपये नगद।
कानूनी कार्रवाई
इस पूरे मामले को लेकर मेराल थाना में कांड संख्या-65/2026 दर्ज की गई है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और 24 घंटे के भीतर मामले के उद्भेदन से स्थानीय ग्रामीणों में सुरक्षा का भाव जागा है और पुलिस की कार्यशैली की सराहना हो रही है।





