News UDI | गढ़वा : जिले की कमान अब 2014 बैच के तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी आशुतोष शेखर के हाथों में है। शनिवार की देर रात पदभार ग्रहण करते ही नए पुलिस अधीक्षक (एसपी) के तेवर पूरी तरह तल्ख नजर आए। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि जिले में अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं होगी। पदभार ग्रहण करने के बाद पत्रकारों और अधिकारियों से बात करते हुए उन्होंने साफ लहजे में कहा कि आम जनता की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मैराथन बैठक में कानून-व्यवस्था की समीक्षा
एसपी आशुतोष शेखर ने पदभार संभालते ही समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय के सभागार में जिले के तमाम बड़े पुलिस पदाधिकारियों के साथ एक बैठक की। इस बैठक में उन्होंने जिले की वर्तमान कानून-व्यवस्था, पेंडिंग केस और सुरक्षा चुनौतियों का विवरण लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराधियों में कानून का ऐसा खौफ पैदा करें कि वे अपराध करने से पहले सौ बार सोचें।
“शक्ति और संवेदनशीलता” का नया फॉर्मूला
बैठक में पुलिस पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए एसपी ने नई कार्यशैली का मंत्र दिया। उन्होंने कहा :
“हमारी प्राथमिकता जिले में कानून के राज को और अधिक मजबूत बनाना है। पुलिस की कार्रवाई में जहां अपराधियों के प्रति सख्ती होनी चाहिए, वहीं आम जनता के प्रति संवेदनशीलता अनिवार्य है। जनता जब बिना डरे थाने आए और उसे न्याय मिले, तभी पुलिसिंग सफल मानी जाएगी।”

लापरवाह अधिकारियों को चेतावनी
एसपी ने कार्यशैली को लेकर सख्त हिदायत दी कि किसी भी स्तर पर पुलिसिंग में लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जनता और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया, ताकि खुफिया तंत्र मजबूत हो और अपराध होने से पहले ही उस पर अंकुश लगाया जा सके।
बैठक में मौजूद रहे जिले के दिग्गज पुलिस अधिकारी
पदभार ग्रहण करने और समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस विभाग के तमाम बड़े चेहरे मौजूद रहे। इस अवसर पर मुख्य रूप से :
- राहुल देव बड़ाइक (एएसपी अभियान)
- यशोधरा (डीएसपी मुख्यालय)
- नीरज कुमार (एसडीपीओ, गढ़वा)
- सत्येंद्र नारायण सिंह (एसडीपीओ, श्रीबंशीधर नगर)
- रोहित रंजन सिंह (एसडीपीओ, रंका)
- बृज कुमार (पुलिस निरीक्षक, मझिआंव अंचल)
- जीतेंद्र कुमार आजाद (पुलिस निरीक्षक, नगर उंटारी)
- सुनील कुमार तिवारी (पुलिस निरीक्षक सह गढ़वा सदर थाना प्रभारी)
- विष्णुकांत (थाना प्रभारी, मेराल)
सहित जिले के कई अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने नए एसपी का स्वागत किया और जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उनके संकल्प को दोहराया।
बदलेगा पुलिसिंग का अंदाज
आशुतोष शेखर के पदभार संभालते ही जिले में यह चर्चा तेज है कि अब पुलिसिंग का अंदाज बदलने वाला है। सीमावर्ती जिला होने के कारण गढ़वा में कई सुरक्षा चुनौतियां हैं, लेकिन जिस आत्मविश्वास के साथ नए एसपी ने अपनी प्राथमिकताएं तय की हैं, उससे आम नागरिकों में सुरक्षा की एक नई उम्मीद जगी है। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में अपराधियों पर पुलिस का डंडा किस तरह चलता है।














