News UDI | गढ़वा : जिले में बढ़ती गर्मी के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री अनन्य मित्तल ने साफ कर दिया है कि आम जनता को निर्बाध पेयजल और विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शुक्रवार को समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय वेश्म में संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए उपायुक्त ने कड़े लहजे में निर्देश दिया कि समस्याओं के निष्पादन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नल-जल और टैंकर : पानी के लिए ‘ब्लूप्रिंट’ तैयार
उपायुक्त ने पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल सहित नगर परिषद और नगर पंचायतों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।
- क्वालिटी चेक : पेयजल की गुणवत्ता की लगातार जांच होगी।
- मरम्मत अभियान : खराब पड़े चापाकलों और नलों को तत्काल दुरुस्त करने का आदेश।
- टैंकरों की तैनाती : जिन इलाकों में पाइपलाइन का अभाव है, वहां वॉटर टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जाएगा।
- नया डीपीआर : मझीआँव और श्रीबंशीधर नगर जैसे क्षेत्रों के लिए जहां पाइपलाइन नहीं है, वहां विस्तृत डीपीआर तैयार कर भेजने का निर्देश दिया गया है।
बिजली व्यवस्था : अस्पतालों पर विशेष फोकस

विद्युत विभाग की समीक्षा करते हुए DC ने जर्जर तारों और खराब ट्रांसफार्मरों को तुरंत बदलने का आदेश दिया। सबसे महत्वपूर्ण निर्देश स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर रहा :
- PHC और CHC : सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बिजली के कम-से-कम दो स्रोत सुनिश्चित किए जाएंगे।
- ऑटोमेटिक चेंजर : अस्पतालों में बिजली कटते ही बैकअप शुरू हो, इसके लिए ‘स्मूथ चेंजर’ लगाने के निर्देश दिए गए।
- सोलर पावर : जहां सोलर व्यवस्था नहीं है, वहां लोड का आकलन कर जेरेडा (JREDA) के माध्यम से सौर ऊर्जा बहाल की जाएगी।
- पेड़ों की छंटाई : बिजली आपूर्ति में बाधा बनने वाले पेड़ों की कटाई के लिए वन विभाग के साथ तालमेल बिठाने को कहा गया है।
शिकायत के लिए जारी हुआ ‘ब्रह्मास्त्र’, अफसर सार्वजनिक करेंगे नंबर
आमजन की समस्याओं को सुनने के लिए उपायुक्त ने व्यवस्था को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित कनीय अभियंताओं (JE) और अन्य कर्मियों के मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए जाएं।
“जिला प्रशासन गढ़वावासियों को मूलभूत सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में जनता सीधे जूनियर इंजीनियर से संपर्क कर सकती है।” – अनन्य मित्तल, उपायुक्त
यहाँ करें शिकायत (हेल्पलाइन) :
अगर आपके क्षेत्र में पानी या बिजली की समस्या है, तो आप इन माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं:
- टोल फ्री नंबर : 18003456502
- ऑनलाइन पोर्टल : jharjal.jharkhand.gov.in
- मोबाइल ऐप : झार जल (Jhar Jal) ऐप पर अपनी शिकायत दर्ज करें।
अग्नि शमन विभाग भी अलर्ट
गर्मी में आगजनी की घटनाओं की आशंका को देखते हुए अग्निशमन विभाग को 24×7 सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति पर त्वरित काबू पाया जा सके। पूरे अभियान की मॉनिटरिंग विकास शाखा प्रभारी द्वारा की जाएगी।














