News UDI | गढ़वा : आम जनता की समस्याओं के त्वरित और संवेदनशील समाधान के लिए उपायुक्त अनन्य मित्तल (IAS) ने मंगलवार को समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में जनसुनवाई का आयोजन किया। इस दौरान उपायुक्त ने जिले के कोने-कोने से आए फरियादियों की शिकायतों को न केवल गंभीरता से सुना, बल्कि संबंधित अधिकारियों को ऑन-द-स्पॉट समाधान के कड़े निर्देश भी दिए।
प्रमुख मामले : जिन पर DC ने लिया संज्ञान
जनसुनवाई में कुल 50 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें भूमि विवाद, पेंशन, राशन और भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं।
1. दबंगों द्वारा जमीन पर कब्जा और जान से मारने की धमकी
गढ़वा प्रखंड के रंका कला निवासी रविंद्र नाथ राम ने गुहार लगाई कि उनकी निजी भूमि पर गांव के दबंगों द्वारा बलपूर्वक कब्जा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मामला सिविल कोर्ट में लंबित है और धारा 163 व 107 लागू होने के बावजूद विपक्षी मारपीट और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
2. निलंबित जनसेवक का ‘जीवन निर्वाह भत्ता’ अटका
रमना प्रखंड के निलंबित जनसेवक राजीव कुमार ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि पिछले 8 माह से उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता नहीं मिला है। इसके कारण उनके बच्चों की पढ़ाई और परिवार का इलाज बाधित हो रहा है और स्थिति भुखमरी तक पहुँच गई है।
3. नीति आयोग की योजना का भुगतान लंबित
मझिआंव प्रखंड के प्रमोद कुमार सिंह ने शिकायत की कि ग्राम पंचायत रामपुर में नीति आयोग के तहत ‘श्याम बिहारी का तालाब’ के कायाकल्प का कार्य जनवरी 2026 में ही पूरा हो चुका है। भुगतान का आदेश होने के बाद भी राशि अब तक अटकी हुई है।
4. पैक्स संचालक पर धोखाधड़ी का आरोप
गढ़वा प्रखंड के ढोंटी निवासी सोनू कुमार कुशवाहा ने सनसनीखेज आरोप लगाया कि जाटा पैक्स में धान जमा करने के बावजूद उन्हें राशि नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि पैक्स संचालक शिवनारायण मेहता और प्रदीप कुमार मेहता ने फर्जी तरीके से अंगूठा लगवाकर उनके पैसे की निकासी कर ली है।
5. जमीन ऑनलाइन न होने से आर्थिक संकट
रंका कला निवासी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि अंचल कार्यालय द्वारा उनकी भूमि को ऑनलाइन नहीं किया जा रहा है, जिससे वे अपनी भूमि की बिक्री नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने अपनी आर्थिक जरूरतों का हवाला देते हुए जल्द ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की।
पूरे जिले में लागू हुआ नया ‘वर्किंग मॉडल’

उपायुक्त अनन्य मित्तल ने केवल जिला मुख्यालय ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर शिकायतों के निपटारे के लिए नई व्यवस्था लागू की है :
- नियमित जनसुनवाई : जिले के सभी अनुमंडलों, प्रखंडों एवं अंचलों में अब प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को अनिवार्य रूप से जनसुनवाई आयोजित होगी।
- अधिकारियों को अल्टीमेटम : उपायुक्त ने सभी SDM, BDO और CO को निर्देश दिया है कि वे जनता की शिकायतों को लंबित न रखें और संवेदनशीलता के साथ पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करें।
- त्वरित कार्रवाई : जिला स्तर पर प्राप्त 50 से अधिक आवेदनों को संबंधित विभागों के प्रमुखों को भेजकर जल्द से जल्द रिपोर्ट तलब की गई है।
“प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आमजनों की समस्याओं का शीघ्र और प्रभावी निराकरण करना है। जनसुनवाई में लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।” — अनन्य मित्तल, उपायुक्त, गढ़वा।














