News UDI : लगातार चार हार के बाद मुंबई इंडियंस (MI) ने आखिरकार जीत का स्वाद चख लिया है। लेकिन इस जीत से ज्यादा चर्चा उस ‘गुरुमंत्र’ की हो रही है, जिसने तिलक वर्मा को एक साधारण पारी से सीधे शतकवीर बना दिया। गुजरात टाइटंस के खिलाफ सोमवार को खेले गए मुकाबले में तिलक वर्मा ने 45 गेंदों में नाबाद 101 रनों की तूफानी पारी खेलकर महफिल लूट ली।
टाइम-आउट में ‘क्लास’ और फिर मैदान पर ‘मास’
मैच के दौरान एक वक्त ऐसा था जब तिलक वर्मा संघर्ष कर रहे थे। वे 22 गेंदों में सिर्फ 19 रन बनाकर खेल रहे थे। तभी दूसरे स्ट्रैटेजिक टाइम-आउट के दौरान कप्तान हार्दिक पांड्या उनके पास आए और उन्हें कुछ कड़े शब्द कहे।
हार्दिक ने मैच के बाद खुलासा करते हुए कहा:
“मुझे पता है कि तिलक में कितनी प्रतिभा है। मैंने उससे बस इतना कहा कि उसे चिंता करने की जरूरत नहीं है। मेरा मैसेज साफ था— गेंद देखो और हिट करो! तिलक, टीम और मुंबई इंडियंस के लिए इस पारी की बहुत जरूरत थी।”
अहमदाबाद का किला फतह
यह पहली बार है जब मुंबई इंडियंस ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जीत दर्ज की है। हार्दिक ने इस जीत को ‘टर्निंग पॉइंट’ बताते हुए कहा कि अब टीम की गाड़ी पटरी पर लौट आई है।
गुजरात पस्त: शुभमन गिल का फूटा गुस्सा
दूसरी ओर, गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल हार से बेहद निराश दिखे। उन्होंने हार का ठीकरा आखिरी के ओवरों पर फोड़ा। गुजरात ने अंतिम 6 ओवरों में 95 रन लुटा दिए, जो मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुआ।
गिल की नाराजगी के मुख्य बिंदु:
- महंगे गेंदबाज: प्रसिद्ध कृष्णा और अशोक शर्मा के 3 ओवरों में कुल 67 रन आए।
- खराब लेंथ: गिल के अनुसार, उनके गेंदबाजों ने सही एरिया में गेंद नहीं डाली।
- बैटिंग फ्लॉप: ओस (Dew) होने के बावजूद बल्लेबाज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए।
गिल का बयान: > “ईमानदारी से कहूं तो हमने बीच के ओवरों में बहुत ज्यादा रन दे दिए। इस पिच पर 160-170 का स्कोर पार (Par) था, लेकिन हमने लय खो दी। यह हमारे लिए एक छोटी सी रुकावट (hiccup) है, हम अगले मैचों में वापसी करेंगे।”
मैच का स्कोरकार्ड एक नजर में
| खिलाड़ी | प्रदर्शन | प्रभाव |
| तिलक वर्मा | 101* (45 गेंद) | मैच जिताऊ शतक |
| हार्दिक पांड्या | रणनीतिक कप्तानी | MI की पहली अहमदाबाद जीत |
| गुजरात बॉलर्स | आखिरी 6 ओवर में 95 रन | हार की बड़ी वजह |
मुंबई के लिए यह जीत किसी संजीवनी से कम नहीं है, जबकि गुजरात को अब अपने घर से बाहर होने वाले मैचों में कड़ी मशक्कत करनी होगी।


















