News UDI | गढ़वा : जिले में एलपीजी गैस की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। गढ़वा सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने मेराल और मझिआंव क्षेत्र में औचक निरीक्षण कर अवैध गैस कारोबार के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। इस कार्रवाई के दौरान एक निजी घर से भारी मात्रा में सिलेंडर बरामद किए गए हैं और मोबाइल चैट के जरिए बड़े लेनदेन के सबूत मिले हैं।
निजी घर में ‘सिलेंडर का जखीरा’, व्हाट्सएप चैट ने खोले राज
निरीक्षण के दौरान मझिआंव के खरसोता में कमलेश मेहता के घर पर छापेमारी की गई, जहाँ से 13 खाली सिलेंडर (12 घरेलू और 1 कमर्शियल) बरामद हुए। कमलेश इन सिलेंडरों के स्रोत का कोई वैध प्रमाण नहीं दे सका।
- अवैध धंधा: स्थानीय लोगों के अनुसार, कमलेश अपनी इलेक्ट्रिकल दुकान की आड़ में गैस की अवैध बिक्री करता था।
- डिजिटल सबूत: जब एसडीएम ने उसके मोबाइल और व्हाट्सएप चैट की जांच की, तो उजाला एचपी गैस एजेंसी के साथ बड़ी मात्रा में अवैध लेनदेन के ठोस सबूत मिले।
लव सोनी के खातों में लाखों का ट्रांजेक्शन: चार एजेंसियां शक के घेरे में

मझिआंव शहरी क्षेत्र के व्यवसायी लव सोनी पर भी प्रशासन का चाबुक चला। जांच में सामने आया कि लव सोनी ने पिछले कुछ महीनों में गैस एजेंसियों के खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर किए हैं। संदेह है कि वह कई जिलों और प्रखंडों से सिलेंडर डंप कर कालाबाजारी कर रहा था। जांच की आंच इन एजेंसियों तक पहुँच गई है:
- उजाला एचपी गैस एजेंसी (मझिआंव)
- शगूफा भारत गैस एजेंसी (मेराल)
- गढ़वा गैस इंडियन एजेंसी (गढ़वा)
- इंडियन गैस एजेंसी (कुटमू, पलामू)
एसडीएम ने दिए संयुक्त जांच के आदेश
एसडीएम संजय कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अंचल अधिकारी (CO), प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और थाना प्रभारी की एक संयुक्त टीम गठित कर दी है। यह टीम यह पता लगाएगी कि एजेंसियों की मिलीभगत से यह खेल कब से चल रहा था।
“गैस की अवैध खरीद-बिक्री आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत एक गंभीर दंडनीय अपराध है। जो भी इसमें संलिप्त पाया जाएगा, उस पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” — संजय कुमार, एसडीएम, गढ़वा सदर








