News UDI | गढ़वा : झारखंड के गढ़वा जिला अंतर्गत रमकंडा में रामनवमी के पावन अवसर पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की गई। बुधवार की शाम शुरू हुई मामूली कहासुनी गुरुवार (महाअष्टमी) की रात को भीषण हिंसा में तब्दील हो गई। दो समुदायों के बीच जमकर हुई पत्थरबाजी में आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण और कई पुलिसकर्मी लहूलुहान हो गए। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
घटनाक्रम : बुधवार की ‘चिंगारी’ गुरुवार को बनी ‘आग’
विवाद की शुरुआत बुधवार शाम को प्रखंड मुख्यालय के बिचला टोला स्थित कौआखोह शिव चबूतरा से हुई। हिंदू समुदाय के लोग डीजे के साथ महावीर पताका (झंडा) स्थापित करने गए थे। लौटते समय दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने डीजे बंद कराकर विवादित नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे तनाव फैल गया।
गुरुवार सुबह इसी विरोध में हिंदू समाज ने सड़क जाम कर धरना दिया। हालांकि 6 घंटे की वार्ता के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन गुरुवार की देर शाम जब जुलूस दोबारा निकला, तो कौआखोह के पास सुनियोजित तरीके से पत्थरबाजी शुरू हो गई। देखते ही देखते पूरा इलाका रणक्षेत्र बन गया।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई : SP अमन कुमार ने संभाला मोर्चा
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी (DIG) किशोर कौशल और पुलिस अधीक्षक (SP) अमन कुमार तत्काल मौके पर पहुंचे। एसपी अमन कुमार ने सख्त लहजे में बताया कि स्थिति को बिगड़ते देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।
पुलिस की अब तक की कार्रवाई:
- हिरासत : दोनों पक्षों के 19 उपद्रवियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
- जब्ती : मौके से 18 मोटरसाइकिलें और 8 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनसे साजिश के सुराग तलाशे जा रहे हैं।
- बदलाव : ग्रामीणों के भारी आक्रोश को देखते हुए थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह कुंटिया को हटाकर रवि पटेल को रमकंडा की कमान सौंपी गई है।
घायल और तैनात अधिकारी
इस हिंसा में मिथिलेश कुमार, अनिल कुमार महतो, सचिन कुमार समेत कई अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वहीं, भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान कई पुलिस के जवान भी चोटिल हुए हैं।
मौके पर डटे रहे ये जांबाज अधिकारी : शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए रंका एसडीपीओ (SDPO) रोहित रंजन सिंह, गढ़वा एसडीपीओ नीरज कुमार, रंका इंस्पेक्टर अभिजीत गौतम सहित चार थानों की पुलिस फोर्स ने मोर्चा संभाला। वर्तमान में पूरा रमकंडा छावनी में तब्दील है और चप्पे-चप्पे पर सशस्त्र बल तैनात हैं।
“स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। हमने 19 लोगों को हिरासत में लिया है। किसी भी सूरत में शांति भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हम हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रहे हैं।” — अमन कुमार, पुलिस अधीक्षक, गढ़वा
निष्कर्ष : प्रशासन की अपील
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भ्रामक खबर या अफवाह न फैलाएं। पुलिस अब वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य दंगाइयों की पहचान कर रही है।






