News UDI | गढ़वा : गढ़वा जिले में स्वरोजगार और सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए संचालित सरकारी योजनाओं की प्रगति पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त (DDC) श्री पशुपतिनाथ मिश्रा ने बैंकों के खराब प्रदर्शन पर कड़ी नाराजगी जताई और उन्हें कार्यप्रणाली में सुधार करने की चेतावनी दी।
बैंकों को सख्त निर्देश : “नियमों का पालन करें, आवेदनों को बेवजह रद्द न करें”
बैठक में उप विकास आयुक्त ने स्पष्ट किया कि बैंकों द्वारा आवेदनों की अस्वीकृति से सरकारी लक्ष्यों और पात्र लाभुकों के भविष्य पर असर पड़ता है। उन्होंने निर्देश दिया कि :
- बैंक किसी भी आवेदन को अस्वीकृत करने से पहले योजना के नियमों और प्रावधानों का गहराई से अध्ययन करें।
- अधिक से अधिक पात्र आवेदनों को स्वीकृति (Sanction) प्रदान की जाए।
- अगली बैठक तक जिन बैंकों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया, उन पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

योजनावार प्रगति की स्थिति: एक नजर में
बैठक में PM-FME, PMEGP और पीएम विश्वकर्मा जैसी प्रमुख योजनाओं के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया :
| योजना का नाम | लक्ष्य/प्राप्त आवेदन | स्वीकृत/भुगतान | लंबित/अस्वीकृत मामले |
| PM-FME (2025-26) | 132 अग्रसारित (लक्ष्य 120) | 30 स्वीकृत, ₹235.63 लाख भुगतान | 30 लंबित, 42 अस्वीकृत |
| पीएम विश्वकर्मा | 5207 कुल आवेदन | 3774 (स्टेज-3 हेतु अनुशंसित) | 190 (पंचायत स्तर), 79 (जिला स्तर) |
पीएम विश्वकर्मा योजना : इस योजना के तहत जिला स्तर पर 5017 आवेदनों में से 3774 को स्टेज-3 के लिए भेजा गया है, जबकि 1164 आवेदनों को पात्रता मानकों के अभाव में अस्वीकृत किया गया है।
DRP को समय पर ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने का आदेश
उप विकास आयुक्त ने जिले के सभी District Resource Persons (DRP) को भी कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवेदनों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें और ऑनलाइन प्रक्रिया को समय सीमा के भीतर पूर्ण करें ताकि पेंडेंसी कम की जा सके और जिले को आवंटित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल किया जा सके।
बैठक में ये रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिला उद्योग केंद्र (पलामू/गढ़वा) के महाप्रबंधक, अग्रणी बैंक प्रबंधक (SBI), जिला प्रोग्राम मैनेजर (JSLPS), DRP गढ़वा सदर, DIC प्रबंधक और विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक सहित कई विभागीय प्रतिनिधि मौजूद थे।






