News UDI | गढ़वा : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), गढ़वा के तत्वावधान में चिनियां प्रखंड के आदिम जनजाति बाहुल्य ग्राम बिलैतीखेर में एक विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। नालसा (NALSA) नई दिल्ली के निर्देशानुसार चलाए जा रहे ‘साइबर फ्रॉड एवं बाल विवाह उन्मूलन कार्यक्रम’ के तहत ग्रामीणों को डिजिटल ठगी और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूक किया गया।
यह कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष DLSA मनोज प्रसाद एवं सचिव निभा रंजना लकड़ा के दिशा-निर्देश पर आयोजित हुआ।
पुराना मोबाइल बना सकता है आपको कंगाल
शिविर के दौरान पीएलवी (PLV) सुधीर कुमार चौबे ने साइबर ठगी के एक नए और खतरनाक तरीके पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आजकल गांवों में फेरीवाले नए बर्तन और प्लास्टिक के डिब्बों का लालच देकर पुराने स्मार्टफोन मांगते हैं।
“ग्रामीण, विशेषकर महिलाएं इसे फायदे का सौदा समझकर अपना पुराना फोन दे देती हैं, लेकिन उन्हें नहीं पता कि उस फोन में मौजूद निजी डेटा का इस्तेमाल अपराधी बैंक फ्रॉड या अन्य अवैध गतिविधियों के लिए कर सकते हैं। आपका पुराना ‘कचरा’ फोन अपराधियों के लिए खजाना साबित हो सकता है।”
बाल विवाह : सामाजिक अभिशाप और कानूनी अपराध
पीएलवी दिलीप कुमार सिंह ने बाल विवाह उन्मूलन पर जोर देते हुए इसके कानूनी पहलुओं और सजा के कड़े प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कम उम्र में विवाह न केवल बच्चों के भविष्य को बर्बाद करता है, बल्कि यह एक गंभीर दंडनीय अपराध भी है। साथ ही, ग्रामीणों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के गठन और इसके उद्देश्यों से अवगत कराते हुए बताया गया कि कैसे गरीब और असहाय लोग मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
इनकी रही गरिमामय उपस्थिति
कार्यक्रम में पीएलवी रामप्रताप सिंह और मदनदीप यादव ने भी अपने विचार साझा किए और ग्रामीणों को जागरूक रहने की अपील की। मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से सुधीर कुमार चौबे, मदनदीप यादव, रामप्रताप सिंह, दिलीप सिंह तथा सहभागी शिक्षण केंद्र की ओर से लीलावती कुमारी मुख्य रूप से उपस्थित थीं।





