News UDI | गढ़वा : कांडी प्रखंड के हरिगावां गांव में रविवार की रात लोक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। अवसर था भव्य चैता दुगोला कार्यक्रम का, जहां औरंगाबाद (बिहार) के मशहूर गायक श्रृजानंद पांडेय और पलामू के लेस्लीगंज के चर्चित गायक राजमुनि झारखंडी ने अपनी गायकी से समां बांध दिया। चैता के तीखे और मधुर गीतों पर दर्शक सुबह 6 बजे तक झूमते रहे।
दिग्गजों ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे :
- नरेश प्रसाद सिंह (विधायक, विश्रामपुर)
- चंद्रशेखर उपाध्याय उर्फ विकास उपाध्याय (अध्यक्ष, बीस सूत्री कार्यक्रम, कांडी)
- नारायण यादव (उप प्रमुख, कांडी)
- दिनेश कुमार (प्रतिनिधि, जिला परिषद कांडी उत्तरी)
- एस.आई. अशफाक आलम (थाना प्रभारी, कांडी)
- रिंकू सिंह (आयोजक सह मुखिया प्रतिनिधि, लमारी पंचायत)
आयोजक रिंकू सिंह ने सभी अतिथियों का अंगवस्त्र देकर गर्मजोशी से स्वागत और सम्मान किया।

सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संदेश
मौके पर संबोधित करते हुए अतिथियों ने कहा कि चैता केवल गीत नहीं, बल्कि हमारी लोक-संस्कृति और मिट्टी की पहचान है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से हमारी पुरानी परंपराएं और विरासत जीवंत रहती हैं, जिससे नई पीढ़ी को अपनी जड़ों को समझने और जुड़ने का मौका मिलता है।
सुरों की जुगलबंदी और झूमते दर्शक
जैसे ही श्रृजानंद पांडेय और राजमुनि झारखंडी ने मंच संभाला, पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। दोनों कलाकारों के बीच चैता दुगोला की ऐसी जुगलबंदी चली कि लमारी पंचायत समेत कांडी और बरडीहा प्रखंड के विभिन्न गांवों से आए हजारों दर्शक रातभर अपनी जगह से हिल नहीं सके।
सम्मान के साथ समापन

सोमवार सुबह 6 बजे कार्यक्रम का समापन हुआ। इस मौके पर आयोजक रिंकू सिंह ने दोनों मुख्य कलाकारों, श्रृजानंद पांडेय और राजमुनि झारखंडी को ‘श्रीरामचरितमानस’ की प्रति भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। क्षेत्र में इस सफल और अनुशासित आयोजन की जमकर चर्चा हो रही है।
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