News UDI | गढ़वा : गढ़वा पुलिस विभाग से एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है, जहाँ कानून की रक्षा में तैनात एक चौकीदार ने ही बेरोजगार युवकों को अपनी ठगी का शिकार बना लिया। गढ़वा थाना में कार्यरत चौकीदार राजू पासवान ने चौकीदार के पद पर बहाली दिलाने का झांसा देकर कई युवकों से मोटी रकम वसूल ली। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
फर्जी विज्ञापन बनाकर फैलाया जाल
आरोपी राजू पासवान (पिता- शिव राम, निवासी- नगवां, गढ़वा शहर) ने ठगी को अंजाम देने के लिए बाकायदा एक फर्जी विज्ञापन तैयार कर रखा था। इस फर्जी कागजात में बहाली की तारीख और ड्यूटी जॉइन करने तक का जिक्र था, ताकि भोले-भाले बेरोजगार युवाओं को शीघ्र रोजगार मिलने का भरोसा हो।
इन युवाओं को बनाया शिकार (नाम और राशि का विवरण):
चौकीदार ने प्रत्येक कंडीडेट से 25000/- रुपये डिमांड किया था। इसमें अलग-अलग लोगों से हजारों रुपये एडवांस के तौर पर वसूले :
- शिवकुमार (सोनपुरवा): इनसे आरोपी ने 9,200 रुपये नगद और 5,000 रुपये फोनपे के माध्यम से (कुल 14,200 रुपये) लिए।
- मिथिलेश व पंकज कुमार (सुखबाना): पिता नंदलाल दास के इन दोनों बेटों की बहाली के नाम पर 50,000 रुपये की डिमांड की गई थी, जिसमें से 19,400 रुपये एडवांस ले लिए गए।
- धनंजय कुमार (सुखबाना): पिता मनदीप राम के इस पुत्र से भी 5,000 रुपये एडवांस के तौर पर ऐंठ लिए गए।
ऐसे खुला फर्जीवाड़े का राज
ठगी का भंडाफोड़ तब हुआ जब पीड़ित शिवकुमार ने बहाली से संबंधित कागजात किसी जानकार को दिखाए। कागजात देखते ही उसे फर्जी करार दे दिया गया। क्योंकि किसी भी बहाली के लिए निकले विज्ञापन में ज्वाइनिंग तिथि का जिक्र नहीं रहता है। ठगी का एहसास होते ही शिवकुमार ने हिम्मत जुटाई और गढ़वा थाना पहुंचकर लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामला संज्ञान में आते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई। गढ़वा के एसडीपीओ नीरज कुमार, थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार तिवारी एवं पुलिस अवर निरीक्षक अविनाश राज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। जांच में आरोप सही पाए जाने पर आरोपी चौकीदार राजू पासवान को तत्काल हिरासत में लिया गया और पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
अधिकारियों का पक्ष:

“मामले की जानकारी मिलते ही जांच के आदेश दिए गए थे। चौकीदार की संलिप्तता पुष्ट होने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आम जनता से अपील है कि सरकारी बहाली के नाम पर किसी बिचौलिये या व्यक्ति को रुपये न दें। सतर्क रहें और ऐसे मामलों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।” — अमन कुमार, पुलिस अधीक्षक, गढ़वा।
संपादकीय टिप्पणी : यह घटना उन युवाओं के लिए एक चेतावनी है जो शॉर्टकट के चक्कर में अपनी मेहनत की कमाई गंवा देते हैं। सरकारी नौकरियां केवल आधिकारिक प्रक्रिया और योग्यता के आधार पर मिलती हैं, पैसों के दम पर नहीं।





