News UDI | गढ़वा : झारखंड के गढ़वा थाना क्षेत्र का महुलिया गांव गुरुवार को रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। बुधवार रात एक अनियंत्रित ट्रैक्टर की चपेट में आने से दो युवकों की मौत के बाद भड़का आक्रोश गुरुवार को हिंसक झड़प में बदल गया। मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग को लेकर सड़क जाम कर रहे ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुई पत्थरबाजी व लाठीचार्ज में थाना प्रभारी समेत 16 पुलिसकर्मी और दर्जनों ग्रामीण घायल हो गए। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। पुलिस ने मौके से 10-12 उपद्रवियों को हिरासत में लिया है और प्रदर्शनकारियों की दो दर्जन से अधिक मोटरसाइकिलें जब्त कर ली हैं।
हादसे से शुरू हुआ मातम, मुआवजे पर मचा बवाल

घटनाक्रम की शुरुआत बुधवार रात करीब 10:30 बजे हुई। महुलिया निवासी राहुल चौधरी (26) और नंदलाल राम (31) आंबेडकर जयंती के जुलूस से लौटकर अपनी मोपेड के पास खड़े होकर बात कर रहे थे। तभी बालू अनलोड कर गलत दिशा (Wrong Side) से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने दोनों को कुचल दिया। राहुल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नंदलाल ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।
गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव गांव पहुंचे, आक्रोशित ग्रामीणों ने शवों को एनएच-343 (गढ़वा-रंका मार्ग) पर रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए।
शाम होते ही ‘रणक्षेत्र’ बना महुलिया मोड़

दोपहर से जारी जाम को हटाने के लिए एसडीएम संजय कुमार, एसडीपीओ नीरज कुमार, बीडीओ कुमार नरेंद्र नारायण, अंचल अधिकारी सफी आलम और थाना प्रभारी सुनील कुमार तिवारी ने कई दौर की वार्ता की। शाम करीब 5:30 बजे प्रशासन के आश्वासन पर ग्रामीण जाम हटाने को तैयार भी हो गए थे, लेकिन तभी भीड़ में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों ने सरकारी नौकरी की मांग पर अड़कर माहौल बिगाड़ दिया।
देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर ईंट-पत्थरों की बारिश शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले में पुलिस के वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और कई अधिकारी चोटिल हो गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया, लेकिन जब पथराव नहीं रुका तो आत्मरक्षा और स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए हवाई फायरिंग करनी पड़ी।
खाकी पर भारी पड़ा आक्रोश : ये पुलिसकर्मी हुए घायल

पत्थरबाजी की इस घटना में पुलिस महकमे को भारी चोट आई है। घायलों का इलाज सदर अस्पताल में किया गया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं :
- निरीक्षक सुनील कुमार तिवारी (थाना प्रभारी, गढ़वा)
- पुअनि : आदित्य नायक, विद्यासागर।
- सअनि : अभिमन्यु कुमार सिंह, मनोज कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह, मनोज कुमार प्रधान।
- आरक्षी व चौकीदार : नंदलाल राम, प्रमोद कुमार, रामी नाग और अंजनी कुमारी सहित 16 पुलिस कर्मी घायल हुए हैं।
प्रशासनिक सख्ती : गिरफ्तारियां और जब्ती

झड़प के बाद पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार किया है। मौके से अफरा-तफरी के बीच भाग रहे लोगों में से 10-12 युवकों को हिरासत में लिया गया है। जाम स्थल पर लावारिस छोड़ी गई 24 से अधिक मोटरसाइकिलों को पुलिस ने जब्त कर ट्रैक्टरों में लादकर थाने भेज दिया है। इस मामले में प्रशासन ने 60 नामजद एवं 400 अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस द्वारा वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कराई जा रही है। एसपी अमन कुमार ने स्पष्ट किया है कि ट्रैक्टर मालिक की पहचान हो गई है और फरार चालक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
सिसकियों के बीच अंतिम विदाई, गांव में पसरा सन्नाटा

देर शाम प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद भारी सुरक्षा के बीच दोनों युवकों का अंतिम संस्कार गमगीन माहौल में कर दिया गया। एक तरफ परिजनों की सिसकियां गूंज रही हैं, तो दूसरी तरफ पुलिसिया कार्रवाई के डर से पूरे पंचायत में सन्नाटा पसरा हुआ है। वर्तमान में इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति ‘तनावपूर्ण शांति’ की बनी हुई है।
“सड़क जाम हटाने के दौरान बातचीत के बीच अचानक पत्थरबाजी शुरू हुई। स्थिति अनियंत्रित होते देख हवाई फायरिंग और हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। फिलहाल शांति व्यवस्था कायम है और अतिरिक्त बल तैनात है।” > — अमन कुमार, पुलिस अधीक्षक, गढ़वा





