News UDI | गढ़वा : झारखंड के गढ़वा जिले में पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा अवैध बालू का ‘काला खेल’ अब मासूम जिंदगियां निगलने लगा है। बुधवार की रात गढ़वा थाना क्षेत्र अंतर्गत महुलिया पंचायत में ‘मौत की रफ्तार’ बनकर दौड़े एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने दो युवकों की जीवनलीला समाप्त कर दी। इस हृदयविदारक हादसे ने न केवल दो घरों के चिराग बुझा दिए, बल्कि पूरे क्षेत्र में प्रशासन के खिलाफ जनाक्रोश भड़का दिया है।
हादसे की भयावहता : पलक झपकते ही बिछ गई लाशें
जानकारी के अनुसार, महुलिया निवासी राहुल चौधरी (26 वर्ष) और नंदलाल राम (31 वर्ष) बुधवार ( 15 अप्रैल 2026) की रात करीब 10:30 बजे महुलिया स्कूल के पास अपनी मोपेड के साथ खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। दोनों युवक अंबेडकर जयंती के जुलूस से लौटकर घर जा रहे थे। इसी बीच, बालू अनलोड कर गलत दिशा (Wrong Side) से आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर (संख्या JH 14 K 5795) ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
टक्कर इतनी भीषण थी कि राहुल चौधरी की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से घायल नंदलाल राम ने अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

अवैध बालू का ‘खूनी खेल’: रात होते ही सड़कों पर माफिया का कब्जा
यह हादसा महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है। ग्रामीणों का आरोप है कि :
- अंधाधुंध रफ्तार : ज्यादा फेरे लगाने और अधिक कमाई के चक्कर में ट्रैक्टर चालक नियमों को ताक पर रखकर वाहन चलाते हैं।
- अवैध खनन : बिना बंदोबस्ती वाले घाटों से रात के अंधेरे में बालू का अवैध उठाव धड़ल्ले से जारी है।
- प्रशासनिक मिलीभगत : सवाल उठता है कि रात भर सड़कों पर दौड़ते ये ‘अवैध वाहन’ पुलिस की नजरों से कैसे ओझल हैं?
“अवैध बालू ढुलाई से न केवल राजस्व की चोरी हो रही है, बल्कि अब हमारे गांव के युवाओं की जान भी जा रही है। रात भर ट्रैक्टरों के शोर से सोना दूभर है और सड़कों पर निकलना मौत को दावत देना है।” — स्थानीय ग्रामीण

मौके से चालक फरार, ग्रामीणों ने घेरा ट्रैक्टर
हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। सूचना मिलते ही गढ़वा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर को पुलिस के हवाले करने से इनकार कर दिया और मौके पर ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
उजड़ गए दो हंसते-खेलते परिवार
मृतक राहुल और नंदलाल दोनों ही शादीशुदा थे और अपने परिवार के एकमात्र सहारा थे। उनकी असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। महुलिया पंचायत के मुखिया पति विरेंद्र राम ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि :
- मृतकों के आश्रितों को उचित मुआवजा दिया जाए।
- जिले में अवैध बालू परिवहन पर तत्काल पूर्णतः रोक लगे।
- यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो पोस्टमार्टम के बाद NH 343 (गढ़वा-अंबिकापुर मार्ग) को महुलिया मोड़ के पास जाम कर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
बड़ा सवाल : क्या प्रशासन इस ‘खूनी खेल’ को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा, या फिर अवैध बालू के बोझ तले ऐसे ही मासूम जिंदगियां दबती रहेंगी?














