News UDI | गढ़वा : शिक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षकों की जमीनी समस्याओं के समाधान के लिए गढ़वा सदर एसडीएम संजय कुमार की अनूठी पहल ‘कॉफी विद एसडीएम’ के तहत बुधवार को एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस साप्ताहिक संवाद में विभिन्न शिक्षक संघों के पदाधिकारियों और शिक्षक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का माहौल तब और भावुक हो गया, जब एसडीएम ने शिक्षकों को ‘राष्ट्र निर्माता’ बताते हुए उन्हें अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया।
शिक्षक संगठनों ने मुखरता से रखीं मांगें
संवाद के दौरान झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ, अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ, प्रगतिशील शिक्षक संघ, राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ, झारखंड प्लस टू शिक्षक संघ और झारोटेफ जैसे प्रमुख संगठनों के जिला अध्यक्षों व प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं को बेबाकी से रखा। एसडीएम ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुना और आवश्यक प्रशासनिक पहल का भरोसा दिलाया।

चर्चा के प्रमुख बिंदु और शिक्षकों के सुझाव:
संवाद में शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यालयी चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने निम्नलिखित प्रमुख मुद्दे उठाए :
- नवाचार और भ्रमण : झारोटेफ अध्यक्ष सुशील कुमार ने साल में दो बार शैक्षणिक भ्रमण, सेमिनार और अनाथ बच्चों के लिए अनुमंडल स्तर पर विशेष विद्यालय की वकालत की।
- विद्यालय का वातावरण : मेराल हाई स्कूल के शिक्षक संजय कुमार ने परिसर में असामाजिक तत्वों और नशेडियों के जमावड़े पर रोक लगाने की मांग की।
- बुनियादी सुविधाएं : चंद्रमौलिश्वर पांडेय ने शौचालयों की सफाई और अरुण दुबे ने ऑनलाइन रिपोर्टिंग की तकनीकी समस्याओं को उठाया।
- महिला शिक्षकों के मुद्दे : शिल्पी कुमारी ने चाइल्ड केयर लीव, स्पेशल लीव और छात्राओं के लिए सेनेटरी नैपकिन की उपलब्धता पर ध्यान केंद्रित किया।
- प्रशासनिक सुधार : प्रभात रंजन सिंह ने वेतन भुगतान और कार्यालयी संस्कृति में सुधार की बात कही, जबकि नागेंद्र चौधरी ने कांडी प्लस टू विद्यालय की समस्याओं और हर माह के तीसरे शनिवार को जिला स्तरीय शिक्षक शिविर लगाने का सुझाव दिया।
- अन्य मुद्दे : सुनील दुबे ने मध्याह्न भोजन से उत्पन्न गतिरोध और कुछ शिक्षकों ने भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूल के समय में आधा घंटा बदलाव का अनुरोध किया।
अभिभावकों से अपील : PTM में जरूर आएं
शिक्षकों ने साझा चिंता जताई कि अभिभावक बच्चों की पढ़ाई और पैरेंट्स-टीचर मीटिंग (PTM) के प्रति उदासीन रहते हैं। एसडीएम के माध्यम से अपील की गई कि बिना शिक्षक और अभिभावक के संयुक्त प्रयास के बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है।
एसडीएम का वक्तव्य : “शिक्षक ही समाज की दिशा तय करते हैं”

सदर एसडीएम संजय कुमार ने कहा, “शिक्षक हमारी पीढ़ियों का भविष्य गढ़ते हैं और समाज को दिशा देते हैं। विद्यालय की आधारभूत व्यवस्था और शिक्षकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर दूर किया जाएगा।”
संवाद में शामिल प्रबुद्ध जन :
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से कमलेश्वर पांडेय, सुशील कुमार, प्रभात रंजन सिंह, अरुण कुमार दुबे, सुनील कुमार दुबे, नागेंद्र चौधरी, संजय कुमार, मंसूर आलम, संजय कुमार उपाध्याय, राजाराम पासवान, कृष्ण मुरारी पांडेय, मार्कंडेय तिवारी, सैफुल्लाह अंसारी, चंद्रदेव सिंह, अरविंद कुमार, दिलीप कुमार श्रीवास्तव, विवेक कुमार सिंह, चंद्र मौलिश्वर पांडेय, शिल्पी कुमारी आदि उपस्थित थे।
निष्कर्ष : ‘कॉफी विद एसडीएम’ कार्यक्रम ने न केवल प्रशासन और शिक्षकों के बीच की दूरी कम की है, बल्कि एक ऐसा मंच प्रदान किया, जहाँ शिक्षा व्यवस्था की कमियों को दूर करने के लिए सीधी बात हुई। अंत में सभी शिक्षकों को अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया जाना प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है।





