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गढ़वा पुलिस की वित्तीय साख बेदाग : ट्रेजरी घोटाले की आहट के बीच SP की बड़ी कार्रवाई, आंतरिक जांच में मिली ‘क्लीन चिट’

On: April 17, 2026 11:12 PM
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News UDI | गढ़वा : झारखंड के कई जिलों में ट्रेजरी घोटाले (खजाना गबन) की गूंज और पुलिस विभाग में वेतन भुगतान को लेकर मचे घमासान के बीच गढ़वा जिले से राहत भरी खबर सामने आई है। राज्यव्यापी अलर्ट के बाद गढ़वा पुलिस अधीक्षक अमन कुमार के निर्देश पर कराई गई उच्चस्तरीय आंतरिक जांच में जिले का पुलिस महकमा पूरी तरह ‘बेदाग’ पाया गया है।

अभिलेखों के मिलान और गहन सत्यापन के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि गढ़वा में पुलिसकर्मियों के वेतन भुगतान में कोई भी वित्तीय अनियमितता या ‘फर्जीवाड़ा’ नहीं हुआ है।

घोटाले की चर्चा के बाद एक्शन में महकमा

राज्य के कुछ जिलों में सरकारी खजाने से वेतन के नाम पर अवैध निकासी की खबरें आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा था। इसे गंभीरता से लेते हुए एसपी अमन कुमार ने एहतियात के तौर पर गढ़वा जिले में विभागीय स्तर पर इंटरनल ऑडिट के आदेश दिए थे।

जांच की मुख्य बातें : SP और DC ऑफिस ने मिलकर खंगाले दस्तावेज

जांच प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय और उपायुक्त (DC) कार्यालय के स्तर पर संयुक्त रूप से अभिलेखों का मिलान किया गया। जांच के दौरान इन मुख्य बिंदुओं पर फोकस रहा :

  • वेतन बिल और वाउचर : पिछले महीनों में ट्रेजरी को भेजे गए सभी बिलों की बारीकी से जांच की गई।
  • बैंक स्टेटमेंट का मिलान : ट्रेजरी से निकली राशि और कर्मियों के खातों में पहुंची राशि का क्रॉस-वेरिफिकेशन किया गया।
  • बल्क पेमेंट सिस्टम : जिले में लगभग 1600 पुलिसकर्मियों का वेतन एक साथ (बल्क में) जारी होता है, जिसमें गड़बड़ी की आशंका सबसे ज्यादा होती है, लेकिन यहाँ प्रक्रिया पारदर्शी मिली।

कैसे होता है भुगतान? (वित्तीय अनुशासन)

एसपी अमन कुमार ने बताया कि गढ़वा में वेतन भुगतान की एक सुव्यवस्थित प्रणाली है :

  1. DDO की भूमिका : पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) को जिले का डीडीओ (ड्राइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर) नामित किया गया है।
  2. सत्यापन : उन्हीं के स्तर से वेतन बिल तैयार कर ट्रेजरी (कोषागार) भेजे जाते हैं।
  3. पारदर्शिता : जांच में न तो कोई ‘घोस्ट एम्प्लॉई’ (फर्जी कर्मी) मिला और न ही अतिरिक्त बिलिंग का कोई मामला सामने आया।

“राज्य के अन्य जिलों में सामने आई अनियमितताओं के बाद हमने सुरक्षा के दृष्टिकोण से आंतरिक जांच कराई थी। जांच में सभी दस्तावेज और भुगतान प्रक्रिया नियमों के अनुरूप पाई गई है। गढ़वा पुलिस वित्तीय पारदर्शिता के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”अमन कुमार, पुलिस अधीक्षक, गढ़वा


भविष्य के लिए सख्त निगरानी के निर्देश

एसपी ने स्पष्ट किया कि भले ही अभी तक कोई गड़बड़ी नहीं मिली है, लेकिन विभाग चैन से नहीं बैठेगा। भविष्य में भी इस तरह की नियमित निगरानी और ‘सरप्राइज ऑडिट’ जारी रहेंगे, ताकि सरकारी धन का दुरुपयोग न हो सके और वित्तीय अनुशासन बना रहे।

Chinmay bhardwaj

Chinmay Bhardwaj is a journalist at News UDI covering local news from Garhwa and nearby areas of Jharkhand.

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