News UDI | गढ़वा : झारखंड के गढ़वा जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ बेलहारा गांव स्थित विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी के पैतृक आवास को अज्ञात चोरों ने अपना निशाना बनाया है। इस हाई-प्रोफाइल चोरी के मामले में अब पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं। घटनास्थल की बारीकी से जांच के दौरान तीन फिंगरप्रिंट उठाए गए हैं, जो अपराधियों तक पहुँचने में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।
सूने घर का फायदा उठाकर दिया वारदात को अंजाम
जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार (14 अप्रैल) की रात की है। उस वक्त घर में परिवार का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था। सूने घर का फायदा उठाकर चोरों ने मुख्य द्वार का ताला तोड़ा और भीतर प्रवेश कर गए। चोरों ने न केवल कीमती सामानों पर हाथ साफ किया, बल्कि पूरे घर के सामान को तितर-बितर कर दिया। बुधवार की सुबह जब ग्रामीणों ने घर का ताला टूटा हुआ देखा, तो इलाके में हड़कंप मच गया।
जांच में जुटी एक्सपर्ट टीमें : डॉग स्क्वायड और टेक्निकल सेल सक्रिय
मामले की गंभीरता को देखते हुए गढ़वा पुलिस अधीक्षक (SP) अमन कुमार के निर्देश पर विशेष जांच टीमें गठित की गई हैं। पुलिस ने जांच के लिए निम्नलिखित इकाइयों को मौके पर उतारा :
- फिंगरप्रिंट टीम : घटनास्थल से तीन स्पष्ट फिंगरप्रिंट मिले हैं। पुलिस इन्हें कोर्ट के आदेश के बाद सीआईडी (CID) को भेजने की तैयारी में है।
- डॉग स्क्वायड : खोजी कुत्तों की मदद ली गई, हालांकि इस माध्यम से अब तक कोई निर्णायक सुराग हाथ नहीं लगा है।
- टेक्निकल स्क्वाड : मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी विश्लेषणों के जरिए अपराधियों के रूट को ट्रैक किया जा रहा है।
- फील्ड विजिट : एसडीपीओ और थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ लगातार इलाके में दबिश दे रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक का बयान
“चोरों ने घर के खाली होने का लाभ उठाकर इस घटना को अंजाम दिया है। हमने घटनास्थल से तीन महत्वपूर्ण फिंगरप्रिंट सुरक्षित किए हैं। वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis) के आधार पर चोरों की पहचान की जा रही है। जल्द ही अपराधी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।” — अमन कुमार, पुलिस अधीक्षक, गढ़वा
ग्रामीणों में आक्रोश और सुरक्षा पर सवाल
एक जनप्रतिनिधि के घर में हुई इस तरह की चोरी ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस फिलहाल आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और संदिग्धों पर नजर रखे हुए है। अब सबकी निगाहें सीआईडी की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे चोरों के चेहरे बेनकाब होने की उम्मीद है।





