News UDI | गढ़वा : अगर आप भी एटीएम से पैसे निकालते समय किसी तकनीकी खराबी आने पर वहां लिखे नंबरों पर भरोसा कर लेते हैं, तो सावधान हो जाइए। गढ़वा शहर में साइबर ठगों ने ठगी का एक बेहद शातिर और नया तरीका अपनाया है। एटीएम मशीन में कार्ड फंसने के बाद मदद के नाम पर ठगों ने एक युवक के खाते से 25 हजार रुपये पार कर दिए।
मदद के नाम पर बुना गया ‘मकड़जाल’
घटना 02 अप्रैल 2026 की है। केतार निवासी सुनील कुमार पाल शाम करीब चार बजे गढ़वा शहर के मझिआंव मोड़ स्थित हिटैची (Hitachi) एटीएम से पैसे निकालने पहुंचे थे। ट्रांजैक्शन के दौरान उनका डेबिट कार्ड मशीन में ही फंस गया। घबराहट में सुनील की नजर एटीएम कक्ष में लिखे एक मोबाइल नंबर 7209087259 पर पड़ी, जिसे ‘कस्टमर केयर’ बताया गया था।
सुनील ने इसे बैंक का आधिकारिक नंबर समझकर कॉल कर दिया, लेकिन उन्हें क्या पता था कि फोन के दूसरी तरफ बैंक का अधिकारी नहीं, बल्कि एक शातिर ठग बैठा है।

सीसीटीवी का झांसा देकर पीड़ित को भटकाया
फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंककर्मी बताते हुए सुनील को झांसे में लेना शुरू किया। उसने दावा किया कि वह सीसीटीवी कैमरे के जरिए सुनील को देख रहा है। ठग ने सुनील को विश्वास दिलाया कि वह पास ही है और उसे वी मार्ट (V-Mart) के पास आने को कहा। ठग ने वादा किया कि वह सुनील के साथ एटीएम चलेगा और मशीन खोलकर कार्ड निकाल देगा।
जब सुनील वी मार्ट पहुंचे तो वहां कोई नहीं मिला। कुछ देर बाद जब वे वापस एटीएम लौटे, तो नजारा बदला हुआ था—एटीएम का शटर बंद था। फोन पर ठग ने फिर झूठ बोला कि कार्ड अंदर चला गया है और अगली सुबह मशीन खोलकर कार्ड दे दिया जाएगा।
खाते में पैसे आते ही ठगों ने किया हाथ साफ
संयोग से उसी शाम पांच बजे सुनील के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खाते (नंबर: 520471009396105) में 53,867 रुपये जमा हुए थे। खाते में बैलेंस आते ही ठग सक्रिय हो गए। शाम 5.54 से 5.55 बजे के बीच—यानी महज एक मिनट के भीतर—तीन बार में (10 हजार, 10 हजार और 5 हजार) कुल 25 हजार रुपये निकाल लिए गए।
हैरानी की बात : जब पीड़ित रात 8 बजे दोबारा एटीएम पहुंचा, तो शटर खुला था और वहां चिपकाया गया फर्जी कस्टमर केयर नंबर भी बदल दिया गया था।
बिना गार्ड वाले ATM ठगों के ‘सॉफ्ट टारगेट’
साइबर ठगों की कार्यशैली की जांच में यह बात सामने आई है कि वे अक्सर ऐसे एटीएम बूथ को चुनते हैं जहां सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं होते। ठग पहले मशीन के कार्ड स्लॉट के साथ छेड़छाड़ करते हैं, ताकि कार्ड फंस जाए और फिर दीवार पर अपना फर्जी नंबर चिपका देते हैं।
पुलिस की कार्रवाई और अपील
पीड़ित सुनील कुमार पाल ने गढ़वा थाना में आवेदन देकर उक्त मोबाइल नंबर को ट्रैक करने और कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
नोट : एटीएम में कार्ड फंसने पर कभी भी वहां लिखे किसी अनजान नंबर पर कॉल न करें। हमेशा बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या अपने पास मौजूद बैंक की पासबुक/चेकबुक पर दिए गए टोल-फ्री नंबर का ही उपयोग करें।










