News UDI | गढ़वा : झारखंड की राजधानी राँची जल्द ही दुनिया भर के चुनाव विशेषज्ञों और शिक्षाविदों की मेजबानी करने के लिए तैयार है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड के नेतृत्व में आगामी 2 और 3 सितंबर 2026 को ‘वोटर रजिस्ट्रेशन एंड वोटर रजिस्टर’ विषय पर एक भव्य दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे पहली और महत्वपूर्ण कड़ी—’मतदाता सूची’—को और अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिमुक्त बनाना है।
गढ़वा जिला प्रशासन ने कसी कमर
इस वैश्विक आयोजन को लेकर गढ़वा जिले में भी उत्साह देखा जा रहा है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त गढ़वा, दिनेश कुमार यादव ने जिले के सभी हितधारकों, विशेषकर शैक्षणिक जगत से जुड़े लोगों से इस महाकुंभ में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन न केवल अनुभव साझा करने का मंच है, बल्कि चुनावी प्रक्रियाओं में बड़े सुधार लाने का एक बड़ा जरिया भी बनेगा।
दुनिया भर के दिग्गज होंगे शामिल
इस अंतरराष्ट्रीय कॉन्क्लेव में भारत सहित विभिन्न देशों के:
- चुनाव प्रशासक एवं प्रैक्टिशनर्स
- नामचीन शिक्षाविद और शोधकर्ता
- विषय विशेषज्ञ और विद्यार्थी ये सभी प्रतिभागी एक साथ बैठकर मतदाता पंजीकरण में आने वाली चुनौतियों, आधुनिक तकनीकों और नवाचारों पर गहन मंथन करेंगे।
शोधार्थियों के लिए सुनहरा अवसर : 30 अप्रैल तक भेजें अपने प्रस्ताव
उपायुक्त श्री यादव ने जिले के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और शोध संस्थानों के विशेषज्ञों व युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा है कि वे अपने शोध पत्र (Research Papers) और मौलिक विचार इस मंच पर प्रस्तुत करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि मतदाता पंजीकरण जैसे गंभीर विषय पर एकेडमिक स्तर पर विमर्श होना अनिवार्य है, ताकि भविष्य की चुनावी प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
महत्वपूर्ण जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया :
- विषय : वोटर रजिस्ट्रेशन एंड वोटर रजिस्टर (अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन)
- आयोजन तिथि : 2 एवं 3 सितंबर 2026
- एब्सट्रैक्ट (Abstract) जमा करने की अंतिम तिथि : 30 अप्रैल 2026
- वेबसाइट : विस्तृत जानकारी के लिए www.icvrvr.org का अवलोकन करें।
- संपर्क ईमेल : अपने शोध प्रस्ताव icvrvr@gmail.com और जिला निर्वाचन कार्यालय गढ़वा की आईडी electiongarhwa1950@gmail.com पर भेजें।
गढ़वा जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्थानीय बुद्धिजीवी और युवा शक्ति भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस नीति-निर्धारण विमर्श का हिस्सा बनें।





