News UDI | गढ़वा : गढ़वा शहर में लापरवाही का आलम इस कदर बढ़ गया है कि अब यह आम जनजीवन के साथ-साथ आवश्यक सेवाओं के लिए भी खतरा बनने लगा है। शुक्रवार की रात कचरे के ढेर में लगी मामूली आग ने न केवल बिजली व्यवस्था को ठप किया, बल्कि शहर के एक बड़े हिस्से को तीन घंटे तक अंधेरे में डूबने पर मजबूर कर दिया।
घटना का घटनाक्रम : जब ‘आग का गोला’ बना ट्रांसफार्मर
शहर के व्यस्त मेन रोड स्थित फुटबॉल स्टेडियम के पास लगे ट्रांसफार्मर के नीचे लंबे समय से कचरा फेंका जा रहा था। शुक्रवार की शाम अचानक इस कचरे में आग लग गई। सूखे कचरे के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और ऊपर लगे ट्रांसफार्मर को अपनी चपेट में ले लिया।
- दहशत का माहौल : आग की ऊंची लपटें देख राहगीरों और दुकानदारों में भगदड़ मच गई।
- बिजली विभाग की मशक्कत : सूचना मिलने के बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक ट्रांसफार्मर के महत्वपूर्ण उपकरण जलकर राख हो चुके थे।
सदर अस्पताल समेत कई इलाके रहे प्रभावित
इस अग्निकांड की सबसे भारी कीमत मरीजों को चुकानी पड़ी। ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने से सदर अस्पताल, सहिजना क्षेत्र और चिनियां रोड की बिजली गुल हो गई।
- करीब तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही।
- अस्पताल में अंधेरा होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आपातकालीन सेवाओं में भी बाधा आई।
चेतावनी : ‘अगला नंबर 24 घंटे का अंधेरा हो सकता है’
विद्युत आपूर्ति प्रमंडल गढ़वा-1 के कनीय अभियंता कमल कुमार ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने खुलासा किया कि खतरा सिर्फ यहीं नहीं है :
- सबस्टेशन पर खतरा : दानरो नदी किनारे नए विद्युत सबस्टेशन के पास भी नगर परिषद द्वारा धड़ल्ले से कचरा फेंका जा रहा है।
- अंडरग्राउंड केबल : वहां से 33 KV और 11 KV की मुख्य अंडरग्राउंड केबल गुजरती हैं।
- बड़ी चेतावनी : जेई ने दो टूक कहा कि यदि वहां कचरे में आग लगी, तो बाजार, ऊंचरी, सोनपुरवा और टंडवा जैसे इलाके अगले 24 घंटे तक ब्लैकआउट का शिकार हो सकते हैं।
विभाग की अपील : जनसहयोग के बिना सुरक्षा असंभव
विद्युत विभाग ने नगर परिषद और शहरवासियों से अपील की है कि वे बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मर के नीचे कचरा न फेंके। विभाग का कहना है कि यह न केवल उपकरणों को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि किसी की जान पर भी भारी पड़ सकता है।
“कचरा फेंकना सिर्फ गंदगी नहीं, बल्कि एक संभावित दुर्घटना को न्योता देना है। सुरक्षित बिजली के लिए नागरिकों और नगर परिषद को जिम्मेदारी समझनी होगी।” — कनीय अभियंता, विद्युत विभाग














