News UDI | गढ़वा : जिला मुख्यालय गढ़वा में सोमवार को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। डीसी और पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर शहर के विभिन्न होटलों में की गई ताबड़तोड़ छापेमारी में देह व्यापार और अनैतिक गतिविधियों के साक्ष्य मिले हैं। इस दौरान 14 लड़कियों और 14 लड़कों (कुल 28) को आपत्तिजनक स्थिति में हिरासत में लिया गया, जिनमें कई नाबालिग भी शामिल हैं। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए होटल SNC, होटल RDS और होटल तिवारी इन को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है।

गुप्त सूचना पर सुबह 7 बजे से बुना गया जाल
सोमवार, 06 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 07:00 बजे पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर के कुछ होटलों में बिना वैध पहचान पत्र के नाबालिगों और युवक-युवतियों को अनैतिक कार्यों के लिए कमरे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस सूचना के सत्यापन हेतु अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) संजय कुमार और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) नीरज कुमार के नेतृत्व में एक छापेमारी दल का गठन किया गया।
छापेमारी का सिलसिलेवार ब्यौरा : कहाँ क्या हुआ?
1. होटल SNC (सोनपुरवा): सबसे पहले टीम ने गढ़वा शहर के सोनपुरवा स्थित होटल SNC पर धावा बोला। यहाँ एक नाबालिग किशोरी और दो किशोर आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए। होटल के रजिस्टर में ठहरने वालों का कोई सही विवरण दर्ज नहीं था। साक्ष्य मिलने पर इसे मौके पर ही सील कर दिया गया।

2. होटल RDS (स्टेशन रोड गढ़वा): एसडीओ संजय कुमार के नेतृत्व में टीम स्टेशन रोड स्थित होटल आरडीएस पहुंची। यहाँ से पुलिस ने 8 युवक और 8 युवतियों को संदिग्ध हालत में पकड़ा। होटल के दो मैनेजरों को भी हिरासत में लिया गया। यहाँ भी रजिस्टर में भारी अनियमितता मिली।

3. होटल तिवारी इन (रंका रोड, गढ़वा): तीसरी बड़ी कार्रवाई होटल तिवारी इन में हुई, जहाँ 3 युवक और 3 युवतियां पकड़ी गईं। छापेमारी के दौरान एक युवक खिड़की से कूदकर भागने में सफल रहा, जिसका नाम होटल रजिस्टर में दर्ज तक नहीं था। यहाँ की महिला मैनेजर को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।

4. रघुनंदन रेजिडेंसी (होटल RR) : गढ़वा शहर में बस स्टैंड के पास स्थित रघुनंदन रेजिडेंसी में भी कई विसंगतियां मिलीं, जिसकी जांच के निर्देश दिए गए हैं।
बिना पहचान पत्र के एंट्री : सरकारी नियमों की उड़ी धज्जियां
जांच के दौरान पाया गया कि होटल संचालक बिना वैध आईडी प्रूफ (पहचान पत्र) के रूम उपलब्ध करा रहे थे। आगंतुक पंजी (Visitor Register) में एंट्री न करना या गलत जानकारी दर्ज करना सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक गंभीर अपराध माना गया है।
बिल्डिंग बायलॉज और नक्शे की भी होगी जांच
SDO संजय कुमार ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को कड़ा निर्देश दिया है कि इन सभी होटलों के नक्शा और बिल्डिंग बायलॉज की जांच की जाए। यदि निर्माण स्वीकृत नक्शे के विपरीत पाया जाता है, तो नगर पालिका अधिनियम के तहत इन होटलों के ध्वस्तीकरण (Demolition) की कार्रवाई की जाएगी।

छापेमारी टीम में शामिल मुख्य अधिकारी
इस बड़ी कार्रवाई में प्रशासनिक और पुलिस महकमे के दिग्गज शामिल थे :
- संजय कुमार (अनुमंडल पदाधिकारी, गढ़वा)
- नीरज कुमार (SDPO, गढ़वा) यशोधरा (पुलिस उपाधीक्षक, मुख्यालय)
- यशोधरा (पुलिस उपाधीक्षक, मुख्यालय)
- चिरंजीव मंडल (प्रशिक्षु डीएसपी)
- सफी आलम (अंचल अधिकारी, गढ़वा)
- सुनील कुमार तिवारी (इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी, गढ़वा)
- बृज कुमार (पुलिस निरीक्षक, मझिआंव)
- महिला थाना प्रभारी एवं नगर परिषद के कर्मी।

अधिकारी का बयान : “समाज में इस तरह की घृणित और अनैतिक गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। बिना पहचान सत्यापन के नाबालिगों को कमरा देना अत्यंत गंभीर मामला है। तीनों होटलों को सील कर दिया गया है और संचालकों पर प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।” — संजय कुमार, SDO, गढ़वा
प्रशासन की इस कार्रवाई से शहर के होटल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अब हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर इस रैकेट की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।








